यह मंच है विज्ञान का, यहाँ होगा विज्ञान का संवाद और संचार ब्लॉग के जरिये और होगीं विज्ञान और टेक्नोलॉजी की बातें, जन जन के लिए, आम और खास के लिए भी! आप सभी का स्वागत है!
जुड़ने के लिए संपर्क करे +91 9838659380 (सलीम ख़ान)
News Update :
Home » , » आपने कभी सोचा है कि औरतों को दाढ़ी क्यूँ नहीं उगती?

आपने कभी सोचा है कि औरतों को दाढ़ी क्यूँ नहीं उगती?

आपने कभी सोचा है कि औरतों को दाढ़ी क्यूँ नहीं उगती? इसके पीछे की असली वजह क्या है? आखिर ईश्वर ने ऐसा क्या कर दिया कि मर्दों को दाढ़ी मूंछ दी लेकिन औरतों को नहीं...

तो आईये जानते हैं इसका कारण-

जब बच्चा जन्म लेता है तो उसके शरीर पर केवल रोयें जैसे बाल ही होते हैं. लेकिन जैसे जैसे वह बड़ा होता है उसके बाल कड़े और मज़बूत होते जाते हैं. 11-13 की उम्र से लड़के और लड़कियों के शरीर में में केश वृद्धि होना शुरू होती है. यही वह उम्र होती है जब सेक्स ग्रन्थियों की बहुत तीव्रता से वृद्धि होती है.

पुरुष में testes और दूसरी सेक्स (अन्तः स्रावी) ग्रन्थियां होती हैं जो एक विशेष प्रकार के हारमोंस समूह को पैदा करती हैं जिसे एनड्रोजेन्स (ANDROGENS) कहते हैं. पुरुषों में एनड्रोजेन्स (ANDROGENS) की मौजूदगी के कारण ही दाढ़ी मूंछे विकसित हो जाती हैं.

वहीँ स्त्री में ovaries और दूसरी सेक्स (अन्तः स्रावी) ग्रन्थियां होती हैं जो एक दुसरे प्रकार के हारमोंस के समूह को पैदा करती हैं जिसे एस्ट्रोजेन्स (ESTROGENS) कहते हैं.

पुरुष में बनने वाले हारमोंस समूह एनड्रोजेन्स (ANDROGENS) उसके द्वितीयक सेक्स लक्षण जैसे आवाज़ में भारीपन और केश वृद्धि आदि को विनियमित करते हैं. वही स्त्री में बनने वाले हारमोंस समूह एस्ट्रोजेंस (ESTROGENS) उसके द्वितीयक सेक्स लक्षण जैसे स्तन-आकार में वृद्धि, जघन केश व मासिक धर्म चक्र के निर्धारण आदि को विनियमित करता है.

वास्तव में इन्ही हारमोंस के चलते स्त्री व पुरुष में कई प्रकार की शारीरिक विभिन्नताएं पाई जाती हैं. मसलन औरतों का जिस्म कोमल, नरम व नाज़ुक रहता है वहीँ मर्दों का जिस्म सख्त व मज़बूत हो जाता है.

तो अब आपको मालूम चल ही गया होगा कि स्त्री में एनड्रोजेन्स (ANDROGENS) की ग़ैर- मौजूदगी के कारण ही दाढ़ी मूंछ नहीं निकलती! लेकिन अगर उनको भी दाढ़ी-मूछें निकल गयी होतीं, तो?
 चित्र साभार गूगल


Share this article :

+ comments + 2 comments

28 जनवरी 2010 को 11:14 am

दुबारा पोस्ट?
और जब बात विज्ञान की करो तब ईश्वर को मत घसीटा करो.

एक टिप्पणी भेजें

 
Design Template by panjz-online | Support by creating website | Powered by Blogger